- अखाड़ों की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिये, अखाड़ों को भूमि आवंटन कराने को कहा
- कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मेले में टैंटों को कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया
हरिद्वार। हरिद्वार कुंभ का आयोजन सफल बनाने को लेकर गंभीर उत्तराखंड सरकार इस संबंध में हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं संतों ने भी कुंभ को लेकर बैठक आयोजित कर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इस संबंध में आज अखाड़ों की बैठक आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। तय किया गया कि हरिद्वार कुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को होगा। संतों ने पूर्व की भांति कुंभ मेले में तंबू लगाने और शाही पेशवाई को निकालने का निर्णय लिया है। बैरागी कैंप, नीलधारा में मेला बसाने और महामंडलेश्वर नगर, कथा पंडाल स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया। वहीं सरकार की ओर से आये कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को संतों के निर्णय से अवगत कराते हुए अखाड़ों को जल्द भूमि आवंटन कराने को कहा गया।
हरिद्वार कुंभ को लेकर आज मायादेवी मंदिर परिसर में आयोजित अखाड़ा परिषद की बैठक में सबसे पहले अखाड़ों ने विचार-विमर्श किया। बैठक में अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी, श्रीमहंत प्रेम गिरी, श्रीमहंत धर्मदास, महंत किशनदास, महंत गौरीशंकर दास, महामंडलेश्वर सोमेश्वरानन्द, महंत रामशरण दास, महंत महेश मुनि, श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत रविन्द्रपुरी, मुखिया महंत भगतराम आदि मौजूद रहे। बैठक में संतों ने पहला शाही स्नान 11 मार्च को करने का फैसला लिया है। बैठक में कहा गया कि इस बार का कुंभ मेला सन 2010 के कुंभ स्नान से और बेहतर बनाने के लिये व्यवस्था की जायें। इस विषय में मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधि, मेला समिति को सुझाव भी दिये जायेंगे। संतों की बैठक के बाद अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने सरकार की ओर से आये मंत्री मदन कौशिक समेत दो अधिकारियों के साथ गुप्त मंत्रणा भी की।
बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि 2010 की तर्ज पर ही इस बार कुंभ मेला आयोजित कराया जायेगा। सरकार 1 जनवरी 2021 को कुंभ मेला शुरू होने की अधिसूचना जारी करेगी। मेला प्रशासन ने फरवरी तक सारे काम पूरे कराने का आश्वासन दिया है। पहला शाही स्नान 11 मार्च को होगा। इस दौरान अन्य स्नान पर्व यथावत चलते रहेंगे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि बैरागी कैंप खाली नहीं किया जायेगा और सरकार को इस संबंध में स्थायी समाधान निकालने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद द्वारा डबल बैंच में जाने को लेकर विचार किया जा रहा है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मेले में टैंटों को लेकर सरकार द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। भूमि आवंटन को लेकर फरवरी में फैसला किया जायेगा। शाही पेशवाई को लेकर मेला प्रशासन की पूरी तैयारी है। कैंप को लेकर बाद में विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
ये हैं कुंभ 2021 में प्रमुख स्नान की तिथियां-
| मकर सक्रांति | 14 जनवरी 2021 |
| मौनी अमावस्या | 11 फरवरी |
| बसंत पंचमी | 16 फरवरी |
| माघ पूर्णिमा | 27 फरवरी |
| महाशिवरात्रि | 11 मार्च |
| सोमवती अमावस्या | 12 अप्रैल |
| नव सम्वत सर | 13 अप्रैल |
| मेष संक्रांति(कुंभ स्नान) | 14 अप्रैल |
| रामनवमी | 21 अप्रैल |
| चेत्र पूर्णिमा | 27 अप्रैल |

