अयोध्या। सुर सम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर के नाम पर अयोध्या में बनाए जा रहे चौराहे का विरोध संत समाज ने शुरू कर दिया है। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के महंतों ने लता मंगेशकर चौराहे के निर्माण का विरोध करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर महंत कमल नयन दास के नेतृत्व में बैठक की। जिसमें तय किया गया कि नया घाट में लता मंगेशकर की स्मृति में बनने जा रहे रहे चौराहे का विरोध किया जाएगा। संत समाज ने चौराहे का नाम रामानंद संप्रदाय प्रमुख आचार्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य के नाम पर रखे जाने की मांग की।
बैठक के बाद संत समाज ने कहा कि वो अयोध्या के प्रमुख चौराहे पर लता मंगेशकर के चौराहे का नाम नहीं होने देंगे। संत समाज इसका विरोध करेंगा। संत समाज ने कहा है कि लता मंगेशकर आदरणीय हैं, उनके नाम पर कहीं दूसरी जगह चौराहा बनाया जाए। लेकिन राम नगरी अयोध्या वैष्णो रामानंदाचार्य संप्रदाय के लोगों की नगरी है। ऐसे में जगद्गुरु रामानंदाचार्य के नाम पर चौराहे का निर्माण किया जाए। इसके लिए संत समाज ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए लिखित शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही।
Read also: Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात मॉडल की झूठी ब्रांडिंग कर मोदी ने देश को गुमराह किया :अशोक गेहलोत
बता दें कि अयोध्या के नया घाट क्षेत्र में स्वर्गीय लता मंगेशकर चौराहे का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी ने काम शुरू किया है। संत समाज अयोध्या के प्रमुख चौराहे का नाम लता मंगेशकर के नाम पर रखे जाने के विरोध में उतर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लता मंगेशकर के निधन के बाद यह घोषणा की थी कि अयोध्या में लता मंगेशकर की स्मृति में प्रमुख चौराहे का नाम होगा। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा के बाद जब चौराहे का निर्माण शुरू हुआ तो संत समाज ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

