बांदा जेल की तन्हाई बैरक नंबर 16 में इस कुख्यात माफिया की निगरानी में 20 सीसीटीवी कैमरे और 32 वार्डन,नाम जान हो जाएंगे हैरान

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लखनऊ। उप्र की बांदा जेल की तन्हाई बैरक नंबर 16 में इस समय प्रदेश का ऐसा कुख्यात माफिया बंद हैं जिसकी निगरानी में 20 सीसीटीवी कैमरे और 32 वार्डन तैनात किए गए हैं। इस कुख्यात माफिया का नाम है मुख्तार अंसारी।  शासन ने माफिया मुख्तार अंसारी और उसके परिवार, रिश्तेदार और करीबियों पर शिकंजा और कस दिया है। अब जेल में मुख्तार की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। हालांकि मुख्तार अंसारी की मुख्तारी पर जेल प्रशासन द्वारा पूरी तरह से नकेल लगा दी गई है। लेकिन अब एक बार और उस पर शिकंजा कसा जा रहा है। मुख्तार अंसारी की तन्हाई बैरक पर 20 सीसीटीवी कैमरे हर समय नजर रख रहे हैं। यह सीसीटीवी कैमरे सीधे लखनऊ कमांड आफिस से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आठ अधिकारी बैरक के बाहर तैनात किए गए हैं। दो डिप्टी जेलरों को मुख्तार अंसारी की खास सुरक्षा के लिए उसकी बैरक के बाहर तैनात किया गया है। इसके अलावा मुख्तार अंसारी की बैरक सुरक्षा में तैनात सभी जवानों को बॉडी कैम से लैस किया है। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की निगरानी रखने के लिए कुल 32 वार्डन लगाए गए हैं। इसमें 12 दूसरी जेल से यहां पर तैनात किए गए हैं। ये 12 वार्डन हर महीने अलग-अलग जेल से भेजे जा रहे हैं। इन जेल वार्डनों को प्रतिदिन आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में डयूटी करनी पड़ रही है। दूसरी जेलों से भेजे गए वार्डन बैरक के नजदीक और बांदा मूल तैनाती के वार्डन द्वितीय स्तर की निगरानी में लगाए हैं। एक शिफ्ट में आठ वार्डन ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। सभी वार्डन को बाडी कैम से लैस रखा गया है। पूरे कारागर में इस समय कुल 48 सीसीटीवी लगे हैं।

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पंजाब की रोपड़ जेल से मुख्तार को बांदा मंडल कारागार लाए जाने के बाद से मुख्य गेट पर जेल सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है। यहां नाम-पता दर्ज होने के बाद अंदर प्रवेश मिल रहा है। प्रभारी जेल अधीक्षक के मुताबिक सप्ताह में एक दिन मुलाकात और जेल के डाट फोन से बातचीत कराने का शेड्यूल तय है। मुलाकात के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी है। बिना उसके मुलाकात संभव नहीं। प्रभारी जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्तार से मुलाकात करने वालों में उनके सांसद भाई अफजाल अंसारी, विधायक बेटा अब्बास अंसारी के अलावा छोटा बेटा उमर अंसारी शामिल हैं। इसके अलावा मुलाकात के लिए कोई और नहीं आ रहा है। अफजाल अंसारी अगस्त के पहले सप्ताह में मुलाकात के लिए आए थे।  बांदा जेल में अफसर-कर्मचारी भयभीत के साए में नौकरी कर रहे हैं। जाने कब क्या हो जाए। जेल में पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी बंद है। उसकी मौजूदगी में जेल में गैंगवार का खतरा बना हुआ है।

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