कपकोट। कपकोट में अब चमोली जैसी आपदा आने का खतरा बन गया है। कपकोट में एक हाइड्रो पावर कंपनी की सुरंग लीक होने से पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है। बता दें कि कुछ ऐसा ही कुंवारी की शम्भू नदी में बन रही झील से खतरा उत्पन्न हुआ था। जिसका समाधान प्रशासन द्वारा निकाल लिया गया था। लेकिन अब कपकोट में चमोली जैसी आपदा का खतरा बनने से प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए हैं। कपकोट में उत्तर भारत हाइड्रो पावर सुरंग के ऊपर भू-धंसाव और लीकेज हो रहे हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यहां काफी मात्रा में पानी का रिसाव हो रहा है। रास्ते के नीचे बड़ी सुरंग बन गई है और वह धंसना शुरू हो चुके हैं। इससे खारबगड़ गांव खतरे में है। गांव में करीब 60 परिवार रहते हैं। जो भू-धंसाव के कारण सहमे हैं।
ग्रामीणों की माने तो सुरंग से पानी रिसने की परेशानी लंबे समय से है, लेकिन सुरंग नुमा गड्ढा कुछ दिन पहले बना है। सुरंग के नीचे रेवती नदी बह रही है। जमीन के भीतर बड़ी सुरंग बनने से ग्रामीणों में दहशत है पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने इसको गंभीर बताते हुए कहा कि बिजली परियोजना के टनल के ऊपर जमीन का धंसना और सुरंग का बनना काफी चिंताजनक है। भूधंसाव की अविलंब जांच होनी चाहिए और सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
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इस मामले की तत्काल भूवैज्ञानिकों से जांच करानी करवाई जानी चाहिए। भूधंसाव का दायरा इसी तरह से बढ़ता रहा तो यह नाचती, खारबगड़ गांव के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगा। इससे नीचे नाचती इंटर कॉलेज है। इस कारण से लोगों को भय सता रहा है।
सूचना बाद तहसील प्रशासन और उत्तर भारत की टीम ने मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अब भू-वैज्ञानिकों से जांच कराने का निर्णय लिया है। कपकोट तहसीलदार पूजा शर्मा ने जानकारी दी है कि कंपनी को नोटिस भेजा है और जल्द से जल्द लीकेज बंद करने को कहा है।

