देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में पेपर आउट का मामले की जांच में कई बडे़ मगरमच्छों की गर्दन फंसने के बाद अब राज्य लोक सेवा आयोग से वर्ष 2018 में हुई लेक्चरर भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। सोशल मीडिया में इन दिनों वायरल हो रहे युवती की नियुक्ति से जुड़े मामले को शिकायत का आधार बनाया है। भाकपा माले के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैखुरी ने इस प्रकरण को लेकर सीएम, डीजीपी और राज्य महिला आयोग से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भाकपा नेता मैखुरी ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो में युवती ने उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के एक पूर्व सदस्य पर रुपये मांगने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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आरोपी उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के ऐसे सदस्य पर हैं जो पूर्व में जज रह चुके हैं। युवती का आरोप है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा प्रवक्ता संवर्ग. समूह ग की लिखित परीक्षा पास करने पर युवती का चयन महिला व सामान्य वर्ग में साक्षात्कार के लिए हुआ था। युवती के अनुसार उसके दोनों साक्षात्कार, संबंधित सदस्य के पैनल में थे। आरोप है कि साक्षात्कार के बाद आयोग सदस्य ने उन्हें दस्तावेज दुरुस्त करने के नाम पर बुलाया। जहां उससे पैसे की मांग के साथ शारीरिक संबंध बनाने को भी दबाव डाला गया। युवती का आरोप है कि इस मामले में वह बीते कई साल से शिकायत कर रही है। लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। मैखुरी के अनुसार डीजीपी अशोक कुमार ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाकपा माले, सचिव ने शिकायती पत्र में कहा कि सोशल मीडिया में ऑडियो वायरल हो रहा है उसमें आयोग का आरोपी सदस्य युवती को दूसरी परीक्षाओं में चयन कराने का भरोसा दिलाता है। युवती को सहायक से संपर्क में बने रहने को कह रहा है। युवती का आरोप है कि उसे लिखित में दिया जाए कि उसका चयन हो जाएगा। युवती के बयान के आधार पर जिन बच्चों को उसने पढ़ाया उनका चयन भी हो चुका है। लेकिन उसका अभी तक नहीं हुआ।

