National Minorities Reservation Front: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने कांग्रेस को दिया समर्थन, सपा पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तराखंडNational Minorities Reservation Front: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने कांग्रेस को दिया...

Date:


National Minorities Reservation Front: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने कांग्रेस को दिया समर्थन, सपा पर लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ। National Minorities Reservation Front – राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी के नेतृत्व में कई लोगों ने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस मौके पर कांग्रेस के कोषाध्यक्ष सतीश आजवानी, पंकज श्रीवास्तव समेत कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस और मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 2022 में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे।

परवेज सिद्दीकी ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा है। देश के विभिन्न राज्यों में लगातार सक्रिय है। पश्चिम बंगाल में हमारे मोर्चा ने ममता बनर्जी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि पंजाब में भी कांग्रेस ने समर्थन दिया है। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने को सब संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हमने इसके पहले यूपी में अखिलेश यादव से भी मुलाकात की है। 25 नवंबर को हमारी अखिलेश यादव से मुलाकात हुई थी। इस दौरान हमने उनसे कई मुद्दों पर बात की, लेकिन उन्होंने हमारी अनदेखी की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी यूपी में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने पलायन किया है। अखिलेश यादव की सरकार में भी कई संगीन दंगे हुए हैं। मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र आज भी होता है। इन सारे मामलों को देखते हुए हमने congress का साथ देने का ऐलान किया है।

Read also: नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर को कोर्ट ने भेजा जेल

परवेज सिद्दीकी ने कहा कि यूपी में कांग्रेस काफी मजबूत है। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हम उत्तर प्रदेश में लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार को हमने देखा है। उनसे मुलाकात के दौरान हमने देखा था कि अखिलेश यादव के जेहन में मुसलमानों को लेकर कोई सिंपैथी नहीं है। वह कहते हैं कि खाकी चड्ढी से लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सच यह है कि अखिलेश यादव ने अंदर-अंदर भाजपा से गठबंधन कर रखा है। इन सारे मामलों को देखकर हमने यह निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस का समर्थन कर रहा है। हम उनके नेतृत्व में चुनाव प्रचार करेंगे। उत्तर प्रदेश को और देश को कांग्रेस ही बचा सकती है।

अगर हमने congress के हाथों को मजबूत नहीं किया तो देश भी बिक जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के नियमों को देखते हुए यहां पर हमारे कई पदाधिकारी नहीं आए हैं। बहुत बड़ी संख्या में हमारे साथ लोग जुड़े हुए हैं, वह सभी कांग्रेस का साथ देंगे। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में हमने बसपा, समाजवादी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार देखी है। अब कांग्रेस की बारी है। कांग्रेस के संकल्प पत्र में कई ऐसी बातें हैं जो हमारे आवाम की हैं। बाप बेटे यानी कि mulayam Singh Yadav और अखिलेश यादव ने मुसलमानों का कभी साथ नहीं दिया। उन्होंने हमेशा मुसलमानों का बायकाट किया है। परवेज ने कहा कि एक बड़े नेता ने कहा था कि सपा में मुसलमानों के लिए सारे दरवाजे बंद हैं। हम देश के सभी मुसलमानों से अपील करते हैं कि कांग्रेस को समर्थन दीजिए। उत्तर प्रदेश में हम मजबूती से कांग्रेस के लिए लड़ेंगे और यहां पर सरकार बनाएंगे और सभी को न्याय मिलेगा।

Read also: विधान सभा चुनाव लड़ने से डर रहे हैं अखिलेश यादव : केशव प्रसाद मौर्य

नसीमुद्दीन ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

नसीमुद्दीन ने कहा कि भाजपा के विधायकों, पदाधिकारियों, सांसदों और मंत्रियों के द्वारा आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उनको पूरा सहयोग किया जा रहा है। शासन प्रशासन भी उन्हीं का है। अधिकारियों के सामने आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। अब आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। नसीमुद्दीन ने कहा कि आयोग का रिमोट कंट्रोल कहाँ है वो हम भी समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने कैराना में दो टू डोर प्रचार किया, उनके साथ हजारों लोग थे। आचार संहिता का कोई महत्व नहीं रह गया है। जबकि 5 लोगों से ज्यादा लोग नहीं इकट्ठा हो सकते। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अमर ज्योति की जगह सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगवाई जा रही है। यह अमर ज्योति 1971 से है। उन्होंने कहा कि हमको सुभाष चंद्र बोस से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने देश की लड़ाई में अहम योगदान दिया है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हमने कई कार्यक्रम किया था।एक कार्यक्रम में 105 लोगों की कुर्सी पड़ी हुई थी, वहां पर 10-15 कुर्सियां खाली थी।

Read also: जापान नेताजी की अस्थियां उनकी बेटी को सौंपे

उसके बाद वहां पर पूरा प्रशासनिक अमला पहुंच गया। पुलिस वालों ने कहा कि आपने कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली है और कार्यक्रम नहीं करने दिया गया। क्या महापुरुषों को माल्यार्पण नहीं किया जा सकता। अगर वह उल्लंघन हो रहा था तो दिल्ली में क्या हो रहा था। उस पर भी प्रशासन को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप शासन सत्ता में हैं तो आपके लिए कोई नियम कायदा नहीं है। हम congress में है तो सारे नियम कायदे हमारे लिए हैं। इसके बाद पुलिस ने एक तहरीर लिखी। जबकि एक भी कार्यक्रम नहीं हुआ। उसके बावजूद हमारे ऊपर कार्रवाई की गई। जबकि दिल्ली में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कहावत सही है कि जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। मीडिया का हमें सहयोग मिला है, हमने कभी किसी के खिलाफ कोई नेगेटिव बात नहीं की है। संविधान के अंतर्गत हम अपनी बात को रखते हैं और आज भी हम मर्यादा के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related