UP News : असम पुलिस के एनकांउटर में मारा गया अकबर बंजारा योगी राज में खुलेआम करता था गोकशी और मांस का कारोबार

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मेरठ। असम पुलिस द्वारा जिन दो गोतस्कर भाइयों को एनकाउंटर में मार गिराया गया वे योगी राज में भी खुलेआम गोकशी कर रहे थे। दो लाख रुपये के इनामी गोतस्कर अकबर बंजारा को स्थानीय भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त था। इस भाजपा नेता के संरक्षण में रहकर दो लाख के इनामी अकबर और उसका भाई योगीराज में खुलकर गोकशी करते थे उसके बाद मीट को असम के रास्ते बांग्लादेश भेजते थे।

मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने गोतस्कर अकबर बंजारा के पकड़े जाने के बाद बताया था कि वह एक शातिर गोकश है और गोमांस को दूसरे राज्यों और बांग्लादेश तक सप्लाई करता था। मेरठ में गोतस्कर अकबर बंजारा को किस सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त था इसकी भी जांच शुरू हो चुकी है। गोकश अकबर बंजारा गैंग में उसके भाइयों के अलावा और कौन था इसकी जांच के लिए एसओजी को लगाया गया है। 

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2017 में प्रदेश में योगी सरकार आई तो पशु तस्कर और गोकशों के ऊपर शिकंजा कसा गया। पूरे प्रदेश में गोकशों की गिरफ्तारी का अभियान चला। पश्चिम उप्र में गोकश और गोतस्करों के सबसे अधिक एनकाउंटर हुए। लेकिन गोकश अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान योगी सरकार में भी खुलेआम गोकशी करते रहे और गोमांस की सप्लाई का धंधा जारी रखा।

स्थानीय पुलिस इन दोनों भाइयों पर हाथ नहीं डाल पाई। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ इन दोनों गोकशों के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं थे। जबकि दोनों गोकशी और गोमांस की सप्लाई के धंधे में लिप्त थे। बताया जाता है कि अकबर बंजारा और उसके भाइयों को सफेदपोश भाजपा नेता का संरक्षण प्राप्त था।

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जिसके चलते थाना पुलिस भी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाती थी। असम पुलिस के मेरठ में दबिश के दौरान भाजपा नेता इन दोनों भाइयों केा अपने यहां संरक्षण देता था। बताया जाता है कि अकबर बंजारा ने बिजनौर में 23 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी। अब मेरठ पुलिस असम पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारे गए गोकश बंजारा भाइयों की संपत्ति को खंगाल रही है।

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