Meerut news: आखिर क्यों खूंखार हो रहे मेरठ के आवारा कुत्ते, वजह जान हो जाएंगे हैरान

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मेरठ। मेरठ जिले में शहर से लेकर देहात तक आवार कुत्ते खूंखार हो गए हैं। हालात ये हैं कि जिला अस्पताल से लेकर देहात क्षेत्र के सीएचसी और पीएचसी पर कुत्ते काटे के इंजेक्शन लगवाने वाले लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। मेरठ में कुछ दिन पहले तो एक मासूम बच्ची को आवारा कुत्ते नोंचकर खा गए थे। इन आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के निगम के तमाम दावे ध्वस्त हो रहे है। नतीजा आवारा कुत्ते दिन-प्रतिदिन हिंसक होते जा रहे हैं और लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। लेकिन ये आवारा कुत्तें अचानक से खूंखार कैसे हो गए। ये वजह भी गौर करने वाली है। गली मोहल्ले या चौराहे पर दोपहियां वाहनों के पीछे भागने या फिर बच्चों को दौड़ा लेने की वजह भी काफी चौकाने वाली है।

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 पशु कटान बंद होने से खूंखार हुए कुत्ते :

मेरठ में भारी संख्या में शहर और देहात के इलाकों में पशु कटान होता था। जहां से वेस्ट मै​टेरियल को नालों या फिर बाहर डाल दिया जाता है। गली मोहल्ले में भी निकलने वाला कूडे में कुत्तों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल जाता था। लेकिन जब से ये सब बंद हुआ है। आवारा कुत्तों में काफी बदलाव आ गया है। यहीं कारण है कि ये आवारा कुत्ते अब इंसानों पर हमला कर उनको काट रहे हैं। वेस्ट मैटेरियल और खाने के लिए पर्याप्त सामान नहीं मिलने से आवारा कुत्तों की मानसिकता में परिवर्तन हो रहा है। अब ये कुत्तें जरा छेड़छाड़ या वैसे ही मनुष्यों पर हमला कर रहे हैं। आवारा भूखे कुत्ते बच्चों को अधिक निशाना बना रहे हैं। 

मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में स्थिति अधिक खतरानाक :

मेरठ के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में स्थिति अधिक खराब है। जहां पर आवारा कुत्तों में यह स्थिति अधिक देखी जा सकती है। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रोजाना करीब 50 से अधिक केस आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने के आ रहे हैं।

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गर्मी में बढ़ जाते हैं कुत्ता काटने के मामले :

पशु चिकित्सकों का कहना है कि अधिक गर्मी और अधिक सर्दी में आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने के मामलों में वृद्धि होती है। ऐसे मौसम में आवारा कुत्ते अधिक खतरनाक हो जाते हैं। पशु चिकित्सक डा0 मंझन राज का कहना है कि कुत्तों की जीवनशैली क्षेत्रवार अगल-अलग होती है। आवारा कुत्तों को अगर दो दिन में एक बार मांस न हीं मिले तो वे बेचैन और खूंखार हो जाते हैं। ऐसे में लोगों पर हमला कर उनको काट लेना उसकी आदत में शुमार हो जाता है।

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