देश के प्रत्येक हिस्सों में इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। अक्तूबर महीने में डेंगू-चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के कारण हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सक कहते हैं, ये बीमारियां कुछ स्थितियों में जानलेवा हो सकती हैं, ऐसे में सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। मच्छरों को पनपने से रोकें और इनके काटने से बचाव करें। इसके लिए लोग मच्छर भगाने वाले क्वाइल्स जलाते हैं। जो कि मच्छर को भगाने के साथ ही शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है।
मच्छर भगाने वाले क्वाइल्स को जलाने से निकलने वाले धुंए से मच्छर तो मरते हैं पर ये वातावरण को प्रदूषित कर देता है। जिसके कारण कई प्रकार की बीमारियों के होने का खतरा होता है। क्वाइल्स से निकलने वाला प्रदूषित धुंआ जब सांस के माध्यम से शरीर में जाता है तो इससे बीमारियों के विकसित होने का खतरा होता है। अध्ययनों में पाया है कि इसके कारण फेफड़ों को क्षति पहुंचती है जो सांसों की कई प्रकार की समस्याओं का कारण बनता है।
क्वाइल्स से निकलने वाला धुंआ सेहत को नुकसान पहुंचाता हैं। एक कॉइल को जलाने से फॉर्मलाडेहाइड का उत्सर्जन 51 सिगरेट जलाने के बराबर ही होता है। ये रसायन का उपयोग कई प्रकार के घरेलू उत्पादों में तीक्ष्ण सुगंध के लिए होता है। अध्ययनों में पाया गया है कि ये बहुत हानिकारक होता है। इससे कैंसर का जोखिम हो सकता है। क्वाइल से निकलने वाले धुंए के लगातार संपर्क में रहने के कारण फेफड़े के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं इससे सांस और दमा रोग का खतरा भी बढ़ता है।

