इस साल 22 अक्टूबर को धनतरेस और 24 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी। वैसे तो हर साल दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इस बार तिथियों के संयोग के कारण धनतेरस के अगले दिन यानी नरक चतुर्दशी के दिन से ही दिवाली का शुभ मुहूर्त भी लग जाएगा। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि और मां लक्ष्मी के साथ कुबेर का पूजन होता है। धनतेरस पर सबसे अधिक खरीदारी की जाती है। कहा जाता है कि धनतेरस के दिन नई चीजों को खरीदना शुभ होता है। कहते हैं कि इस दिन जो चीजें खरीदी जाती है। उसमें तेरह गुना वृद्धि होती है। इसलिए लोग धनतेरस के दिन सोना-चांदी और बर्तन इत्यादी खरीदते हैं। बढ़ती महंगाई की वजह से सोना चांदी या फिर वाहन खरीदना हर किसी के बस की नहीं है। लेकिन सोने-चांदी के अलावा कुछ ऐसी चीजें हैं। जो मां लक्ष्मी को भी बेहद प्रिय हैं। इन्हें धनतेरस के दिन खरीद सकते हैं।
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदें :
हिंदू धर्म में झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से है। इसलिए धनतेरस के दिन घर में नई झाड़ू लाना शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन सोना चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो झाड़ू जरूर खरीदकर लाएं।
पीतल के बर्तन :—
धनतेरस पर पीतल की धातु खरीदना बहुत शुभ माना गया है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। माना जाता है कि जब समुद्र मंथन से धन्वंतरि देव प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत कलश था। मान्यता है कि ये कलश पीतल धातु का था। इसलिए पीतल धन्वंतरि देव की धातु मानी है।
गोमती चक्र खरीदना :—
गोमती चक्र मां लक्ष्मी का प्रिय है। धनतेरस के दिन इसको खरीदकर घर लाएं और शाम को मां लक्ष्मी की पूजा करते समय गोमती चक्र की पूजा करें। इसके बाद इन्हें धन स्थान पर रख लें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन स्थान हमेशा रूपये-पैसों से भरा रहता है।
साबुत धनिया खरीदें :
धनतेरस के दिन धनिया खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन साबुत धनिया मां लक्ष्मी को अर्पित करें। फिर बाद में इसे घर के बगीचे, खेत या फिर गमलें में बो देना चाहिए। मान्यता है कि इससे साल भर आपके घर में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी।

