मेरठ। मेरठ कैंट बोर्ड ने आज फिर से चौथी बार विवादित बंगला नंबर 22 बी को सील कर दिया। कैंट बोर्ड के अंतगर्त आने वाले इस बंगला नंबर 22 बी को सील करने गई कैंट बोर्ड टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। बसपा नेता ने हाईकोर्ट के स्टे की बात कही लेकिन कैंट बोर्ड टीम ने विरोध को दरकिनार कर पूरे बंगले को सील कर दिया। इस दौरान भारी मात्रा में फोर्स मौजूद रहा।
मेरठ कैंट बोर्ड की टीम फोर्स के साथ 22 बी बंगले पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। कैंट बोर्ड टीम की इस कार्रवाई के दौरान एसीएम और मेरठ कैंट बोर्ड एई पीयूष भी मौजूद रहे। इस दौरान थाना लालकुर्ती पुलिस भी भारी संख्या में मौजूद रही। मेरठ कैंट बोर्ड टीम की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। बसपा नेता और 22 बी संचालक पंकज जौली ने हाईकोर्ट स्टे की बात कहते हुए कैंट बोर्ड अधिकारियों को चेतावनी दी।
कैंट बोर्ड टीम आज सुबह 11 बजे 22 बी को सील करने के लिए पहुंची। इस दौरान टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी मौजूद था। कैंट बोर्ड टीम ने 22 बी सील कर दिया। बता दें बंगला नंबर 22 बी को कैंट बोर्ड ने चौथी बार सील किया। कैंट बोर्ड की बैठक में 22 बी का ट्रेड लाइसेंस निरस्त हो गया था।
मेरठ छावनी स्थित बंगला नंबर 22 बी पिछले दस सालों से विवाद में हैं। 22 बी में विवाह मंडप, होटल, रेस्टोरेंट सहित बार संचालित हैं। कैंट बोर्ड की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग होटल में थे। जिन्हें दूसरे होटलों में शिफ्ट कर दिया गया है। अगस्त महीने में कैंट बोर्ड की बैठक में 22 बी का ट्रेड लाइसेंस निरस्त कर दिया था। बैठक में यह चर्चा रही थी कि तमाम अनियमितताओं के बाद कैसे छावनी परिषद ने 22 बी को ट्रेड लाइसेंस दिया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।वहीं उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था।

