अमित बिश्नोई
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2008 से आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं. ये कहना गलत नहीं होगा की माही सीएसके की पहचान हैं और उन्हें इस फैंस से काफी प्यार मिलता है. अब एक साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चल रहे माही आईपीएल 2020 के लिए सीएसके के साथ जुड़ेंगे और आईपीएल के 13वें सीजन में एक बार फिर सभी लंबे वक्त बाद माही को एक्टिव मोड में देखेंगे. लेकिन अब माही की उम्र 39 साल हो चुकी है, ऐसे में अब क्रिकेट के गलियारों में माही के भविष्य पर चर्चा होती रहती है.
अंतरराष्ट्रीय भविष्य के अलावा यदि आईपीएल की बात करें, तो आईपीएल 2020 के बाद क्या अगले सीजन में माही सीएसके की कमान संभालेंगे या नहीं? तो आइए उन 5 कारणों की बात करते हैं जो ये साबित करते हैं की माही आईपीएल 2022 में भी आईपीएल में छक्के-चौके लगाते नजर आने वाले हैं.
1.टीम को है कप्तान की जरुरत
आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे सफल फ्रैंचाईजी चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 3 खिताब जिताए हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हो या फिर आईपीएल माही की कप्तानी की जितनी भी तारीफ की जाए, उतनी कम होगी. उन्होंने टीम को सीमित संसाधनों में 3 खिताब जिताए हैं, ये कोई साधारण काम नहीं है। इसके अलावा मैदान पर कैप्टन कूल द्वारा लिए जाने वाले फैसले भी कमाल के होते हैं. ऐसे में यदि सीएसके में कप्तानी के दावेदारों पर गौर करें, तो माही के बाद उप कप्तान सुरेश रैना को टीम की कमान सौंपी जा सकती है. लेकिन रैना को शायद ही सीएसके फैंस धोनी की जगह बतौर कप्तान स्वीकार कर सकें. साथ ही टीम को उनकी कमी बहुत अधिक खलेगी. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा की माही भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम से दूरी बना लें, लेकिन आईपीएल में वह 2022 तक खेलते नजर आ सकते हैं.

2.कई खिलाड़ियों से ज्यादा फिट
धोनी की फिटनेस अब भी कमाल की है. वो कई अन्य खिलाड़ियों की तुलना में अब भी ज्यादा फिट नजर आते हैं. उन्हीं की टीम के खिलाड़ी सुरेश रैना अब कहीं ज्यादा मोठे नजर आते हैं जबकि बाकी खिलाड़ी भी कई बार अनफिट ही चुके हैं जबकि धोनी के नाम लगातार खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है. वो अब भी क्रिकेट के लिए उतने ही फिट नजर आते हैं जितना कैरियर की शुरुआत में. लॉक डाउन के दौरान भी धोनी ने अपनी फिटनेस पर काफी कम किया है.

3.धोनी जैसा विकेटकीपर कोई नहीं
धोनी सिर्फ कप्तान और बल्ले से ही नहीं बल्कि विकेट के पीछे भी उपयोगी रहे हैं. उनकी विकेटकीपिंग में काफी सुधार आया है और वो विकेट के पीछे से गेंदबाजों का अच्छा इस्तेमाल भी करना जानते हैं. वैसे तो अंबाती रायुडू के रूप में टीम के पास विकेटकीपर का एक और विकल्प है, लेकिन धोनी की बात ही कुछ और है.

4.फैन फॉलोइंग सबसे ज्यादा
भारतीय क्रिकेट में भीड़ को खींचने की जो क्षमता सचिन में थी वही अब धोनी में भी है. धोनी की मजद्गी ही दर्शकों के लिए काफी होती है. आईपीएल जैसी लीग में भीड़ बहुत मायने रखती है वो भले ही स्टेडियम हो उठा फिर टीवी के सामने. कोई लीग ऐसे खिलाड़ी को नहीं जाने देना चाहेगी.

5.विस्फोटक और संयमपूर्ण बल्लेबाजी
धोनी को मिडिल आर्डर में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, हालांकि बीते कुछ समय से उनकी बल्लेबाजी की शैली में बदलाव आया है. हो सकता है कि ये उनकी बढ़ती उम्र का असर हो केकिन इसके बावजूद कई मौकों पर उनकी संयमपूर्ण बल्लेबाजी भी टीम के काम आयी है. इसी वजह से वो अब चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करते नजर आते हैं. इतना ही नहीं सेट होने के बाद वो फिर अपने पुराने अंदाज में विस्फोटक बल्लेबाजी भी कर सकते है. ऐसे में वो चेन्नई के लिए कई सारे काम कर सकते हैं और ऐसे मल्टी टास्किंग क्रिकेटर को वह काने नहीं देना चाहेगी.


