लखनऊ। विधानसभा चुनाव 2022 (Election 2022) में अगर किसी पार्टी की सबसे अधिक दुर्गत हुई है तो वह है कांग्रेस और बसपा। कांग्रेस के जहां 387 प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके। वहीं बसपा के भी 290 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। सत्तारूढ पार्टी भाजपा केा अगर किसी पार्टी ने टक्कर दी तो वह है। सपा। जो कि प्रदेश में भी दूसरे नंबर पर रही। प्रदेश की राजनीति में वापसी का सपना देख रही कांग्रेस (Congress) ने इस बार 399 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। लेकिन इनमें से 387 की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ दो ही प्रत्याशी अपनी सीट भी बचा सके। इसी तरह से बसपा ने प्रदेश में 403 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा था। लेकिन इनमें से 290 औंधे मुंह गिरे और अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। वहीं बसपा की हालत तो 2019 के लोकसभा चुनाव से भी बत्तर हुई। इस बार बसपा का प्रदेश भर में मात्र एक प्रत्याशी जीत हासिल कर सका। वोट प्रतिशत की बात करें तो प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 2.4 प्रतिशत ही वोट मिले। इसके उलट छोटी पार्टी रालोद की बात कों तो जिसने प्रदेश चुनाव में 33 सीटों पर चुनाव लड़ा।
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कांग्रेस की तुलना में रालोद ने 2.9 प्रतिशत मत प्राप्त किए। प्रचंड जीत के साथ फिर से सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा (BJP) ने इस बार 376 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। लेकिन भाजपा के भी तीन प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। वहीं 347 उम्मीदवार उतारने वाली और सीटों के मामले में दूसरे नंबर पर रहने वाली सपा के 6 प्रत्याशी जमानत गंवा बैठे। सपा गठबंधन कर सुभासपा और अपना दल (कामेरावादी) ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा। जिसमें से 8 की जमानत जब्त हुई।

