अजरबैजान। दो साल की शांति के बाद से आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच सीमा पर एक बार फिर से भीषण संघर्ष फिर शुरू हो गया है। जिसमें आर्मेनिया के हमले के दौरान उसके 49 सैनिकों की मौत हुई है। दूसरी ओर, अजरबैजान के हमलों के दौरान उसके 50 सैनिक मारे गए हैं। आर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार आधी रात के बाद अजरबैजानी सैनिकों ने तोपखाने और ड्रोन का उपयोग करते हुए उसके इलाके में एक साथ कई स्थानों पर हमला कर दिया। उसने जवाब दिया। इस बीच रूस ने दोनों के बीच संघर्ष विराम कराने का प्रयास किया लेकिन वो नाकाम रहा। गोलाबारी कम हुई, लेकिन अजरबैजान की फौजें उसकी सीमा में घुसने का प्रयास कर रहीं हैं। अजरबैजान गोलाबारी में कई नागरिक इमारतों को क्षति पहुंची और काफी लोग घायल हुए।
अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अर्मेनिया ने देर रात और तड़के उस पर गोलाबारी की। उसने दावा किया कि आर्मेनियाई सैनिकों ने इलाके में बारूदी सुरंगें बिछा दीं और सैन्य ठिकानों पर गोलीबारी की। नागोर्नाे-काराबाख अजरबैजान का हिस्सा हैं। लेकिन 1994 में यह एक अलगाववादी युद्ध समाप्त होने के बाद से आर्मीनिया बलों के नियंत्रण में आ चुका हैं। दोनों के बीच 2020 में छह सप्ताह तक चले युद्ध में 6,600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
