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9 माह की प्रेंग्नेट है नर्स, फिर भी डेली आती है हॉस्पिटल, लोग कर रहे तारीफ


9 माह की प्रेंग्नेट है नर्स, फिर भी डेली आती है हॉस्पिटल, लोग कर रहे तारीफ

गजनुरु-कोरोना से फाइट में नर्सेज का बहुत योगदान है. तपती गर्मी में पीपीई किट पहनकर कोरोना वायरस से जंग में डॉक्टर्स का पूरा सहयोग कर रही हैं. इंटरनेशनल नर्स डे के अवसर पर मंगलवार को लोग नर्सेज के योगदान को सलाम कर रहे हैं. कर्नाटक की रूपा जयाचमराजेंद्र 9 महीने की प्रेग्नेंट है. वह गर्वमेंट हॉस्पिटल में काम करती हैं.गजनुरु गांव में रहती हैं. वहां से प्रतिदिन तिरथल्ली तलुक तक यात्रा करती हैं, जहां ये सरकारी अस्पताल है. लोग बताते हैं कि तलुक अस्ताल के आसपास कई गांव हैं. जहां से लोग ईलाज कराने यहां पहुंचते हैं.रूपा कहती हैं कि उनके सीनियर्स उन्हें छुट्टी लेने को कह चुके हैं पर वे लोगों की सेवा करना चाहती हैं. वे दिन में 6 घंटे काम करती हैं. उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री बुलाकर प्रशंसा कर चुके हैं. वे भी उन्हें आराम करने की सलाह दे चुके हैं.

पहली नर्स के सम्मान में सेलिब्रेट होता है
इंटरनेशनल नर्स डे 12 मई को मनाया जाता है. दरअसल, इस दिन को इसके संस्थापक के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस कहा जाता है.नाइटिंगेल ऑफ फ्लोरेंस, मॉर्डन नर्सिंग की फाउंडर थीं. उन्होंने क्रीमिया के युद्ध के दौरान कई महिलाओं को नर्स की ट्रेनिंग दी और कई सैनिकों का इलाज भी किया. जनवरी 1974 में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव यूएस में पारित हुआ था.

सभी नर्स एक प्लेटफॉर्म पर होंगी
नर्स अब अपने नाम या सरनेम से नहीं, बल्कि एक खास पहचान से जानी जाएंगी. इसके लिए देश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन एवं ट्रैकिंग सिस्टम बनाया गया है. इस सिस्टम पर सभी नर्सों का डाटा अपलोड किया जा रहा है. डाटा अपलोड होते ही एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जेनरेट हो जाता है. यही नंबर अब नर्सों की पहचान बनेगा. देशभर में इसी नंबर से किसी भी नर्स के ड्यूटी वाले अस्पताल की लोकेशन ली जा सकेगी. साथ ही सभी नर्स एक प्लेटफॉर्म पर होंगी. लोकसभामें उठे एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने बीते दिनों यह जानकारी दी थी.

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