नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से विश्व के देश अभी ठीक से संभल नहीं पाए हैं कि इसी बीच में एक और बीमारी ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। इस नई बीमारी का नाम है मंकीपॉक्स। मेक्सिको ने मंकी पॉक्स के नए 60 मामले सामने आने से विश्व स्वास्थ संगठन ने दुनिया के अन्य देशों को अलर्ट किया है। मेक्सिको के संक्रमण रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन अवर सचिव ह्यूगो लोपेज-गैटेल ने जानकारी दी। लोपेज ने कहा कि अब तक मंकी पॉक्स से मेक्सिको में कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केवल पांच या छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया है। क्योंकि उनमें गंभीर लक्षण पाया गया है। लेकिन सामान्य तौर पर सभी लोग लगभग 21 दिनों में ठीक हो गए है।
11 मैक्सिकन शहरों में मंकी पॉक्स के संक्रमण का पता चला है। जो मंकी पॉक्स वायरस से संबंधित माने गए है। हालांकि चेचक का कारण भी इनको बताया गया है। लेकिन इसके मरीजों में हल्के लक्षण पाए जाते हैं और शायद ये कभी घातक भी हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी नए आंकड़ों के मुताबिक 75 देशों और क्षेत्रों में हजार से अधिक मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। पांच संबंधित मौतें दर्ज की हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
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कैसे फैलता है मंकीपॉक्स?
मंकीपॉक्स, स्मॉलपॉक्स (चेचक) की तरह एक वायरल इन्फेक्शन है। यह चूहों और खासकर बंदरों से इंसानों में फैला है। अगर कोई जानवर वायरस से संक्रमित है और व्यक्ति उसके संपर्क में आता है तो उसे भी मंकीपॉक्स हो सकता है। यह देखने में चेचक का रूप लगता है। इसमें लगभग लक्षण भी वैसे ही हैं। जिन लोगों में अधिक संक्रमण होता है उन्हें निमोनिया के लक्षण दिख सकते हैं। बीमारी एक इंसान से दूसरे में फैलने वाली है। संक्रमित व्यक्ति को छूने से छींक या खांसी के संपर्क में आने से, संक्रमित के मल के संपर्क में आने से भी यह फैल सकती है। वहीं मंकी पॉक्स संक्रमित व्यक्ति की वस्तुओं को उपयोग करने से बीमारी दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है।

