स्पोर्ट्स डेस्क। जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया के नंबर-1 तेज गेंदबाज हैं. आईसीसी की रैंकिंग देखें तो वे 11वें नंबर पर हैं. यह बतौर भारतीय तेज गेंदबाज सबसे बेहतर है. लेकिन 2021 में बुमराह लय में नहीं दिख रहे हैं. वे अब तक 4 टेस्ट में सिर्फ 7 विकेट ही ले सके हैं. टीम इंडिया के दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण ने भी उन पर सवाल उठाए हैं. टीम इंडिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की पहली पारी में 217 रन बनाए हैं. जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने दो विकेट पर 101 रन बना लिए हैं. हालांकि, बुमराह पूरी तरह बेरंग नजर आए. उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. उस पिच पर जहां जेमिसन जैसा नया गेंदबाज पांच विकेट ले उड़ा, वहां बुमराह संघर्ष करते नजर आए।
नहीं बदली स्टाइल
जसप्रीत बुमराह ने फाइनल में अब तक 11 ओवर गेंदबाजी की है. 34 रन दिए हैं और एक भी विकेट नहीं ले सके हैं. इस कारण न्यूजीलैंड की टीम अच्छी शुरुआत करने में कामयाब रही. वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि बुमराह ने शुरुआत में कम फुलर गेंद फेंकी. इंग्लैंड में सफल होने और स्विंग कराने के लिए गेंद को ऊपर फेंकनी होती है. लेकिन शुरुआती असफलता के बाद भी उन्होंने गेंदबाजी की स्टाइल में बदलाव नहीं किया।
करियर डेब्यू से भी खराब प्रदर्शन
जसप्रीत बुमराह के 2021 के प्रदर्शन को देखें तो उन्होंने अब तक 4 मैच की 6 पारियों में 105.4 ओवर में सिर्फ 7 विकेट ले सके हैं. 84 रन देकर तीन विकेट उनके सबसे बेस्ट प्रदर्शन है. यह उनके डेब्यू से भी खराब प्रदर्शन है. बुमराह ने टेस्ट डेब्यू की पांचवीं पारी में ही 5 विकेट लेने का कारनामा कर दिया था. लेकिन इस साल बुमराह अब तक एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा नहीं कर सके हैं. हालांकि बारिश के कारण फाइनल के रिजल्ट का निकलना मुश्किल है. ऐसे में दोनों टीमें संयुक्त विजेता बन सकती हैं. लेकिन बुमराह के लिए यह बुरे सपने जैसा हो सकता है।
कोहली फिर भी बना लेंगे रिकॉर्ड
बतौर कप्तान कपिल देव, सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी ही आईसीसी ट्रॉफी जीत सके हैं. अब लिस्ट में विराट कोहली भी शामिल हो सकते हैं. मैच के टाई होने पर भी कोहली आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम कर लेंगे. कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी में चैंपियन बनीं. वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने 2007 में टी20 वल्र्ड कप, 2011 में वनडे वल्र्ड और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया।

