मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने दस्तक दे दी है, चार आशा कार्यकत्रियों में डेल्टा प्लस वैरियंट मिलने से जहाँ स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया है वहीँ ज़िले में चिंता का माहौल पैदा हो गया है. बिजौली गांव में तैनात इन आशा कार्यकत्रियों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पुणे लैब भेज दिए गए हैं.
इस बारे में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलोजी लैब के जरिए 200 सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं. वहीँ मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलोजिस्ट डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट देश में पहले से है. इसी के चलते दूसरी लहर में इतनी तबाही मची थी लेकिन इसमें बदलाव होना खतरनाक है.
डेल्टा प्लस के बारे में चिकित्सकों का कहना है कि दूसरी लहर में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने कहर मचाया था. डेल्टा प्लस उसी डेल्टा वैरिएंट का ही बदला स्वरूप है, जो कि डेल्टा से कई गुना घातक है. अब यह म्यूटेट होकर डेल्टा प्लस हो गया है इस वैरिएंट पर मोनोकोनल एंटीबाडी काम नहीं करती है. वायरस के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव से कोशिकाओं में तेज प्रवेश करता है.

