नोएडा। भ्रष्टाचार की नींव पर बनाए गए सुपरटेक ट्विन टॉवर के जमींदोज होने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। कल यानी 28 अगस्त को दिन में ढाई बजे गगनचुंबी इमारत विस्फोट के जरिए उड़ाई जाएगी। ऐसे में हर किसी में यह जानने की उत्सुकता है कि 28 मंजिला और 32 मंजिला ट्विन टॉवर जमींदोज होंगे तो धमाका कितना तेज होगा। इसी के साथ धरती पर कंपन कितनी तेज होगी और आसपास के लोगों पर इसका क्या असर होगा। बिल्डिंग विध्वंस करने वाली कंपनी एडफिस इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट की माने तो जिस समय ट्विन टॉवर में धमाका होगा तो 25 मिलीमीटर प्रति सेकेंड कंपन होगा। ट्विन टॉवर एक 32 मंजिला है और दूसरी 28 मंजिला। ऐसे में टॉवर में विस्फोट और उसके बाद ढहने पर वाइब्रेशन कितना होगा। इसे लेकर एक्सपर्ट ने स्टडी की है। सटीक वाइब्रेशन टॉवर ढहने के बाद ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग मशीन से पता चलेगा। जिसके लिए मशीनें मंगाई गई हैं।
इंजीनियरों की माने तो नोएडा में आए भूकंप का आकंलन किया गया तो यहां पर आमतौर पर 4 से 5 स्केल का भूकंप आता है। 300 से 400 मिली मीटर प्रति सेकंड का वाइब्रेशन हुआ। यहां की इमारतें इतने कंपन से सुरक्षित रहीं हैं।
सेंट्रल बिल्डिंग रोड रिसर्च इंस्टीटयूट रुड़की के एक्सपर्ट ने टॉवर का निरीक्षण किया। आसपास के इलाके की इमारतें देखीं। इसके बाद 28 अगस्त को ट्विन टावर गिराने को हरी झंडी दे दी है। ट्विन टॉवर से सटे एटीएस विलेज और सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी के भीतर 28 अगस्त को बिजली और गैस कनेक्शन काट दिए जाएंगे। साथ ही दोनों सोसाइटी के फ्लैट सुबह सात बजे तक खाली करवा लिए जाएंगे। करीब 1500 परिवार की बिजली और गैस कनेक्शन देर तक ठप रहेंगे।
