रविवार को 53 कोरोना मरीजों ने जान गंवाई
नये केसों से दोगुनी रही कोरोना को मात देने वालों की संख्यां
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण और इसके कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों में कमी आती जा रही है। रविवार को जहां 3050 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं वही 53 कोरोना मरीजों ने जान गंवाई है। राज्य में नए मिलने वाले संक्रमितों के मुकाबले कोरोना को मात देने वालों की संख्या दोगुनी से अधिक होने से थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। लेकिन पर्वतीय इलाकों में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेज होना चिंता का कारण बना हुआ है। पर्वतीय इलाकों में कोरोना जांच कम होने और स्वास्थ्य सेवाओं के कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने में सक्षम न होने के कारण संक्रमितों की मृत्यु दर भी अधिक है।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना रिपोर्ट के देहरादून जिले में 716 कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं ऊधमसिंह नगर में 537, हरिद्वार में 364, टिहरी में 276, नैनीताल में 224, पिथौरागढ़ में 182, रुद्रप्रयाग में 178, चमोली में 161, पौड़ी में 144, उत्तरकाशी में 96, चंपावत में 73, अल्मोड़ा में 54, बागेश्वर जिले में 45 संक्रमित मिले हैं। आज मिले 3050 नये कोरोना संक्रमितों के मुकाबले 6173 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। राज्य में एक्टिव केसों की संख्या2 54735 है। प्रदेश की रिकवरी दर 78.98 प्रतिशत और संक्रमण दर 6.94 हो गयी है।
पर्वतीय जिलों में बढ़ रहा कोरोना संक्रमण
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार बीती 1 मई से 19 मई के बीच राज्य के 9 पर्वतीय जिलों में संक्रमण दर काफी अधिक रही। 20 दिनों में इन 9 जिलों में 20,000 से अधिक मामले सामने आए जो राज्य में मिले कुल कोरोना संक्रमितों का 27.6 प्रतिशत है। वहीं कोरोना से हुई कुल मौतों में से 19 प्रतिशत संक्रमित पर्वतीय जिलों के थे। आंकड़ों के अनुसार अब राज्य में मिलने वाले कोरोना संक्रमितों में से प्रत्येक चौथा मरीज पर्वतीय इलाकों से संबंध रखता है। दरअसल पर्वतीय इलाकों में कोरोना की जांच की रफ्तार बेहद धीमी है। पर्वतीय इलाकों में आबादी दूर-दूर होने के कारण दिन भर में काफी कम जांच हो पाती है। वही पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं भी कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने में नाकाफी हैं। ऐसे में पर्याप्त उपचार ना मिल पाने के कारण पर्वतीय जिलों में संक्रमित मृत्यु का शिकार हो रहे हैं।

