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Uttarakhand Crime News: फर्जी आईडी पर हरिद्वार में ले लिए गए 300 सिम,एसटीएफ को सौंपी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी आईडी पर सिम लेने का खेल चल रहा है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में 300 से अधिक सिम कार्ड फर्जी आईडी पर ही जारी कर दिए गए। इसका खुलासा उस दौरान हुआ जब केंद्रीय दूर संचार विभाग की तरफ से एसटीएफ और वोडाफोन-आइडिया कंपनी को इसके लिए पत्र जारी किया गया। एसटीएफ की प्राथमिक जांच के आधार पर हरिद्वार के थाना मंगलौर और ऊधमसिंह नगर के थाना बाजपुर में मुकदमा दर्ज किया है। बाजपुर में आठ दुकानदारों के खिलाफ मुकदमाद दर्ज किया गया है। जबकि हरिद्वार के मंगलौर में मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज है। साइबर थाना पुलिस दोनों मामलों में अब जांच में जुटी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय दूर संचार विभाग ने फर्जी आईडी पर सिम कार्ड जारी करने के संबंध में एसटीएफ को पत्र लिखा। एसटीएफ ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह सारे सिम कार्ड वोडाफोन-आइडिया कंपनी के जारी किए गए हैं। 

कंपनी के प्रतिनिधियों के जरिए जब जांच की गई तो पता चला कि कस्टमर एप्लीकेशन फार्म पर फोटो फर्जी लगाए हैं। इस संबंध में वोडाफोन-आइडिया कंपनी से जवाब तलब किया है। पिछले दिनों कंपनी अधिकारियों की तरफ से मंगलौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच में पता चला कि मंगलौर क्षेत्र में 166 सिम कार्ड फर्जी आईडी पर ही जारी कर दिए गए हैं।  इसी तरह से ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में जांच की गई तो पता चला कि यहां फर्जी आईडी पर 178 सिम कार्ड जारी किए हैं। यानी आईडी किसी की तो फोटो किसी और का है। बाजपुर थाने में आठ दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि सभी जारी किए गए फर्जी सिम ठगी और संगठित अपराधों में उपयोग होते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि फर्जी आईडी पर जारी सिम कार्ड का उपयोग अधिकांश संगठित अपराध में शामिल लोग कर रहे हैं। कई मामलों में ऐसे अपराधी पकड़े हैं।

जिन्होंने फर्जी आईडी पर सिम लेकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, मौजूदा समय में साइबर ठगी में बड़े पैमाने पर फर्जी आईडी के सिम कार्ड का उपयोग हो रहा है। जिससे पुलिस जब जांच करे तो वह सिम कार्ड की आईडी वाले ग्राहक के पास पहुंचे। जबकि, इसे उपयोग कोई और कर रहा होता है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक फर्जी आईडी पर सिम कार्ड जारी करने के काम में गिरोह शामिल हो सकता है। सभी सिम कार्ड प्रीपेड श्रेणी के हैं। एक समयावधि के भीतर यह सिम जारी कराए हैं। ऐसे में हो सकता है कि इनके द्वारा लोगों को ठगा जा रहा हो। एसटीएफ गिरोह के सदस्यों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। जल्द कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकेगी।

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