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सचिन के लिए जरूरी था 2011 वर्ल्ड कप


सचिन के लिए जरूरी था 2011 वर्ल्ड  कप

नई दिल्ली। विराट कोहली ने साथी खिलाड़ी मयंक अग्रवाल से बात करते हुए 2011 विश्व कप के बारे में कहा कि सबसे पहली भावना तो कृतज्ञता की थी कि हम विश्व कप जीत सके. हम सभी की भावनाएं सचिन पाजी पर केंद्रित थीं

क्योंकि हम जानते थे कि यह उनका विश्व कप जीतने का आखिरी मौका था. उन्होंने (सचिन) इतने वर्षों इस देश के लिए जो किया, जितने मैच जीते, उससे हमें प्ररेणा मिलती है. वह ट्रॉफी हमारी तरफ से उन्हें तोहफा थी. इससे पहले, वह सिर्फ तोहफे दे रहे थे, लेकिन उस समय यह मकसद पूरा होने जैसा था.

2011 में भारत ने दूसरी बार मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में विश्व कप ट्रॉफी जीती थी. बीसीसीआइ द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में मयंक ने कप्तान कोहली से खुद को 2018 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ओपनर के तौर पर चुनने के बारे में पूछा तो कोहली ने मजाक में कहा, ‘अबे तूने मुझे अपनी तारीफ करने के लिए बुलाया है क्या यहां पर. कोहली ने आगे कहा, ‘उदाहरण के तौर पर जब तुमने ओपनिंग की, हमने तुम्हारे साथ में हनुमा विहारी को भी ओपनिंग के लिए भेजा था…

हमने विहारी को देखा था कि वह कैसे खेलते हैं. वह गेंद पर आगे आते हैं, वह बहादुर हैं और उन्हें अपने ऊपर भरोसा रहता है. मैंने तुम्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में खेलते हुए देखा था और मैं जानता था कि तुम अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों को खेल सकते हो.

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