बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में राजद के तेजस्वी यादव ने रोज़गार को अहम् मुद्दा बनाया था और कहा था कि सत्ता में आने पर 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया था तब उस समय उनके विरोधी नितीश कुमार ने तेजस्वी की इस घोषणा का मज़ाक़ उड़ाया था और कहा था कि कहाँ से आएँगी यह नौकरियां। समय बदला, बिहार में सत्ता बदली, तेजस्वी यादव नितीश कुमार के साथ सत्ता में लौटे और आज उन्हीं नितीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 10 नहीं बल्कि 20 लाख नौकरियां देनी की बात कही. शायद इसे ही कहते हैं समय का करवट बदलना।
बहरहाल बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नितीश कुमार के इस ऐतिहासिक एलान का स्वागत करते हुए लिखा है कि उनकी सरकार बिहार के युवाओं को रोजगार देने के लिए गंभीर है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं को रोजगार देने के लिए गांधी मैदान से ऐतिहासिक ऐलान किया है. राजद नेता ने अपने ट्वीट में नितीश कुमार को अपना अभिभावक बताते हुए लिखा कि आदरणीय नीतीश जी का 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान से दूसरी अन्य व्यवस्थाओं से 10 लाख अतिरिक्त नौकरियां देने का एलान उत्तम बिहार का सपना साकार करना है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि बेरोजगारी हटाना हमारी सरकार का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. सरकार बनने के बाद पिछले कई दिनों से लोग उनसे पूछ रहे थे कि बिहार में युवाओं को रोज़गार कब दीजियेगा. आज मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान से 20 लाख लोगों को रोजगार देने का ऐलान कर दिया, अब इससे बड़ा क्या होगा. तेजस्वी ने कहा हम जनता के बीच रोज़गार के मुद्दे को लेकर गए और जनता ने मुझे इसी मुद्दे पर वोट भी दिया, अब इसे हटाने के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे. बहरहाल नितीश कुमार का आज एलान बिहार के बेरोज़गार नौजवानों के लिए वाकई बड़ी ख़ुशी की बात है. बिहार जैसे राज्य में अगर 10 की जगह 20 लाख नौकरियां सरकार निकालने की बात करती है और अगर वह अपने इस वादे को पूरा करती है तो सचमुच में यह सुशासन बाबू का बहुत बड़ा और मिसाली कारनामा होगा।
