Delhi Meerut Expressway: अब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर नहीं लगेगा जाम, खुल गया 15 लेन का चिपियाना ओवरब्रिज

मेरठ रीजनDelhi Meerut Expressway: अब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर नहीं लगेगा जाम,...

Date:

मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 को मिलाकर चिपियाना में बने 15 लेन ओवरब्रिज का अंतिम हिस्सा खोल दिया गया। इसके खोले जाने े बाद अब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे को जाम से पूरी तरह से निजात मिल जाएगी। यानी अब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर वाहन चालक जाम मुक्ति होकर फर्राटा भर सकेंगे। हालांकि अभी कुछ स्थानों पर काम चल रहा है। जिसके कारण वर्तमान में जिन लेन पर वाहनों का आवागमन जारी है। उनमें से कुछ पर डायवर्जन करने की तैयारी की जा रही है। यह देश का सबसें वजनी और बड़ा  ट्रस ब्रिज बताया जा रहा है। इस पर 115 मीटर लंबाई में फुटपाथ का काम भी होना है। इस फुटपाथ की कारण अभी आरओबी की एक या दो लेन बाधित रहेगी।

15 लेन का आरओबी पूरी तरह से बनकर अब तैयार हो चुका है। इसको अब वाहनों के लिए खोल दिया गया है लेकिन सौंदर्यीकरण के अंतर्गत कुछ कार्य होने बाकी हैं। वर्तमान में एक्सप्रेस-वे और हाईवे वाली सभी लेन को देखने पर उसमें आकर्षण दिखाई नहीं देता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन की वजह से बीच के सभी लेन खोल दी गई थी। लेकिन उसे व्यवस्थित तरीके से सजाया-संवारा नहीं जा सका था। अब उनके व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है।  अब जब ट्रस ब्रिज खोल दिया है तो बीच वाली लेन पर कुछ कार्य होना अभी बाकी होगा। इसलिए कभी-कभार एक या दो लेन का डायवर्जन भी किया जा सकता है। ट्रस ब्रिज के साथ फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा। काम समाप्त करने की अंतिम समय सीमा 30 सितंबर रखी है। इस ट्रस ब्रिज का फीता कामगार ने काटा। इसके बाद गत 12 सितंबर को इसको लोड टेस्ट के लिए खोला गया था। इसकी रिपोर्ट सकारात्मक आई और शाम को आवागमन के लिए खोलने की स्वीकृति भी मिल गई। कामगार विजेंद्र ने शाम सात बजकर 17 मिनट पर फीता काटकर इन चार लेन को शुरू किया। यह है ट्रस ब्रिज सबसे पुराने पुलों में से हैं।

कई बीम को त्रिकोण बनाकर एक दूसरे से जोड़कर ट्रस ब्रिज को तैयार किया जाता है। क्योंकि दबाव बढ़ने पर इसकी त्रिभुजाकार संरचना बिगड़ती नहीं है। इन्हीं की मदद से बनी ट्रस (श्रृंखला) पूरे स्ट्रक्चर में समान तरीके से दबाव को बांटता है। इससे पुल अपने व इसे पार करने वाले वाहनों के वजन के साथ हवा के भार को भी सुरक्षित रूप से सहन कर पाता है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related