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Suspension Bridge: 142 साल पुराने मोरबी पुल को बनाने के लिए ब्रिटेन से आया था सामान

Suspension Bridge:

नई दिल्ली। गुजरात के मोरबी के मच्छु नदी पर बने केबल पुल के टूटने से अब तक करीब 150 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के समय पुल पर करीब 500 से ज्यादा लोग बताए जा रहे थे। हादसे के बाद से अब तक 70 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका है।
हादसे का शिकार हुआ पुल 142 साल पुराना बताया जा रहा है। पुल को पांच दिन पहले मरम्मत के बाद खोला था। इसके निर्माण की शुरुआत अंग्रेजों ने आजादी से पहले की थी और निर्माण के लिए सामान भी ब्रिटेन से आया था।

केबल पुल को पिछले छह महीने से आम लोगों के लिए बंद किया हुआ था। हाल में मरम्मत के बाद इसे 25 अक्तूबर को लोगों के लिए खोला गया था। पुल मरम्मत के बाद पांच दिन भी नहीं टिक सका और हादसा हो गया। पुल के चलते काफी लोगों को फायदा मिल रहा था। जिनको अब जान से हाथ धोकर नुकसान उठाना पड़ा है। पुल को दीवाली के दूसरे दिन यानी 25 अक्तूबर को इसे खोला गया था।

पुल का निर्माण 1880 में पूरा हुआ था। उस समय पुल के निर्माण में 3.5 लाख रुपये की लागत आई थी। इस बीच अब इसकी मरम्मत में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई थी। मोरबी का यह पुल काफी लम्बी दूरी के लिए बनाया गया है। पुल की लंबाई 765 फीट है। इस पुल पर जाने के लिए फीस देनी पड़ती है। इसके लिए 15 रुपए देने होते थे।

मोरबी में टूटे इस पुल को पांच दिन पहले खोला गया था। हालांकि, पुल पर भीड़ के अधिक बढ़ जाने से हादसा हुआ और यह टूट गया। पुल के गिरने से वहां चीखपुकार मच गई। कई लोगों और बच्चों को केबल से लटकते हुए देखा गया। बता दें कि पुल की क्षमता 100 लोगों की बताई गई है। लेकिन इस पर करीब 500 से ज्यादा लोग हादसे से पहले मौजूद थे।

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