Site icon Buziness Bytes Hindi

Pulwama Attack Anniversary: किसी को मौत ने बहाने से बुलाया तो किसी को उतारा वाहन से

Pulwama Attack Anniversary

नई दिल्ली। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए CRPF के जवानों में किसी के घर बेटी की शादी थी तो किसी जवान की खुद की शादी की तैयारी घर में चल रही थी। लेकिन आतंकी हमले ने शादी की तैयारियों को मातम में बदल दिया।

अंतिम बार रात में की थी बात

हार्पर कॉलिन्स इंडिया की किताब के मुताबिक ‘हिमाचल के चंबा जिला निवासी हेड कांस्टेबल कृपाल सिंह ने छुट्टी के लिए आवेदन किया था। उनकी बेटी की शादी होने वाली थी। कृपाल को जिम्मेदारी दी गई थी कि वो जवानों को लेकर श्रीनगर जाए और वहां से जम्मू लौटने के बाद छुट्टी पर चले जाए।

इसके बाद जयमल सिंह को बस ले जाने की जिम्मेदारी मिली थी। राणा लिखते हैं, ‘वह एक अनुभवी ड्राइवर था और कई बार NH 44 पर गाड़ी चला चुका था। वह ढाल, मोड़ और कटावों से परिचित था। 13 फरवरी की देर रात, उसने अपनी पत्नी को पंजाब में फोन किया। उसे अंतिम समय में अपनी ड्यूटी बदलने के बारे में बताया। यह उनकी अंतिम बातचीत थी।

मौत आने से पहले स्वीकृत हुई छुटटी

पुलवामा हमले में शहीद जवानों में महाराष्ट्र के अहमदनगर के कांस्टेबल ठाका बेलकर भी शामिल थे। उसके परिवार ने उसकी शादी तय की थी। सारी तैयारियां चल रही थीं। बेलकर ने छुट्टी के लिए आवेदन किया था। लेकिन अपनी शादी से ठीक 10 दिन पहले, उसने अपना नाम कश्मीर जाने वाली बस के यात्रियों की सूची में था।

जैसे ही काफिला निकलने ही वाला था। किस्मत उस पर मेहरबान हो गई। उसकी छुट्टी अंतिम समय में स्वीकृत हो गई! वह जल्दी से बस से उतरा और मुस्कुराया और अपने सहयोगियों को हाथ हिला कर अलविदा कहा। उसे क्या पता था कि यह अंतिम समय होगा।’ जयमल सिंह की नीले रंग की बस के अलावा, असामान्य रूप से लंबे काफिले में 78 अन्य वाहन थे। जिनमें 15 ट्रक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से संबंधित दो जैतूनी हरे रंग की बसें, एक अतिरिक्त बस, एक रिकवरी वैन और एक एम्बुलेंस शामिल थे।

Exit mobile version