Artificial intelligence: देश में आने वाले सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में 13.5 करोड नौकरियां पैदा होंगी। इससे देश के करोडों बेरोजगार आईटी युवकों को रोजगार मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में नौकरियों की 2030 तक तकनीक दक्ष युवाओं की भारी कमी होने की संभावना है। यह कमी हर सेक्टर में होगी। विकसित देशों को ऐसे युवाओं की सबसे अधिक जरूरत होगी। जिसे नौकरी चाहिए उसे अपने आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई आवश्यकता के अनुसार विकसित करने की जरूरत है।
बेरोजगारी पैदा होने की संभावना
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से अनेक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बेरोजगारी पैदा होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि इसके कारण दुनिया भर में 7.5 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र के विशेषज्ञ मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण न केवल वकीलों, लेखकों और कलाकारों के क्षेत्रों में आईटी कामगारों की कमी होगी, बल्कि इससे उन सेक्टर में श्रमिकों की संख्या में भारी कमी आ सकती है। जिन्हें अधिक तकनीक दक्षता द्वारा संचालित किया जा सकेगा।
दक्ष युवा प्रोफेशनल की भारी कमी
हालांकि, इसी क्षेत्र के कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह सच अधूरा है। इस मामले का दूसरा पहलू यह है कि आने वाले दौर में केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के चलते 13.5 करोड़ नई नौकरियों का सृजन होगा। दुनिया की टॉप कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से दक्ष युवा प्रोफेशनल की भारी कमी होगी। यह कमी 8.5 करोड़ युवाओं की हो सकती है, जिसे पूरा करना मुश्किल होगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि आने वाले इस अवसर का लाभ उठाने के लिए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक दक्ष से लैस होने की कोशिश करनी चाहिए। भारत जैसे देशों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में सुनहरा अवसर है। जहां युवाओं की भारी आबादी है। जिसे नौकरी चाहिए उसे अपने आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नई आवश्यकता के अनुसार विकसित करने की कोशिश करनी चाहिए।
अन्य सेक्टर में नई नौकरियों का सृजन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही ट्रांसफॉर्मेशन होने की स्थिति में देश की टॉप कंपनियों में 25 से 30 हजार लोगों की जरूरत होगी। यह नौकरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक में दक्ष अच्छे युवाओं के लिए होगी। लेकिन इसके साथ अन्य सेक्टर में नई नौकरियों का सृजन होगा। इसके नकारात्मक असर से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में युवाओं को नई तकनीक के अनुसार विकसित करना होगा। जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आलोचना की जा रही है, उसका दूसरा पहलू है कि यदि इसका पूरी तरह से उपयोग किया गया, तो आने वाले समय में यह देश के लिए सबसे बड़ी शक्ति साबित होगा। अनुमान है कि इसके कारण जीडीपी में 1.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। अकेले टॉप कंपनियों को इसके कारण अगले पांच साल में 2.5 लाख करोड़ रुपए का लाभ होने का अनुमान है।
