51 करोड़ में 10 करोड़ जनधन खाते निष्क्रिय

फीचर्ड51 करोड़ में 10 करोड़ जनधन खाते निष्क्रिय

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक PMJDY यानि प्रधानमंत्री जन धन योजना का नाम आता है. इस योजना का उद्देश्य देश के हर व्यक्ति के पास बैंक अकॉउंट होना था। इस योजना के तहत देश में कुल 51 करोड़ से ज्‍यादा बैंक अकाउंट खुले लेकिन नई जानकारी के मुताबिक अब इनमें से 10 करोड़ से ज्‍यादा अकाउंट इनॉपरेटिव हो चुके हैं. इनमें अकाउंट होल्डर की तरफ से कोई लेनदेन नहीं किया जा रहा है। इन 10 करोड़ निष्क्रिय बैंक खातों में करीब पांच करोड बैंक खाते महिलाओं के नाम से हैं. इन 10 करोड़ इनॉपरेटिव अकाउंट में खातेदारों के कुल 12,779 करोड़ रुपये जमा हैं मतलब हर खाते में औसतन 1200 रूपये जमा है.

ये जानकारी पिछले दिनों वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने राज्‍यसभा में पीएम जनधन योजना के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी थी. वित्त राज्य मंत्री के मुताबिक निष्क्रिय PMJDY खातों का प्रतिशत बैंकिंग क्षेत्र में कुल Inoperative खातों के प्रतिशत के समान है. वित्त राज्य मंत्री ने आगे कहा कि कुल 103.4 मिलियन इनॉपरेटिव PMJDY एकाउंट्स में से 49.3 करोड़ खाते महिलाओं के हैं. इनॉपरेटिव PMJDY खातों में डिपॉजिट कुल जमा का लगभग 6.12 फीसदी है.

वित्त राज्य मंत्री PMJDY के खातों के इनॉपरेटिव होने के कई कारण भी गिनाये। उनके मुताबिक इसका बैंक अकाउंट होल्‍डर्स से सीधा कोई संबंध नहीं है. कई महीने से अकाउंट से कोई लें दें नहीं करने के कारण भी यह खाता इनॉपरेटिव हो सकता है. बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार अगर बैंक खाते में दो साल से अधिक समय तक कोई ग्राहक एक्टिव लेनदेन नहीं करता है तो बचत और चालू खाते को निष्क्रिय माना जाता है. वित्त राज्य मंत्री कराड ने कहा कि बैंक निष्क्रिय खातों के प्रतिशत को कम करने के लिए सरकार ठोस प्रयास कर रही है और नियमित रूप से निगरानी की जा रही है.

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