असली और नकली शिवसेना की लड़ाई के बीच शिवसेना को तोड़कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचने वाले एकनाथ शिंदे ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए उन्हें किसी विशेष चुनाव चिन्ह की ज़रुरत नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने उन्होंने भाजपा के साथ सरकार बनाने को एकबार फिर प्राकृतिक गठबंधन बताया।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने अपने क्षेत्र में इतना काम किया है कि लोग मुझे काम से जानते हैं न कि चुनाव चिन्ह से, इसलिए मुझे चुनाव जीतने के लिए किसी चुनाव निशाँ की आवश्यकतानहीं। पुणे में आयोजित एक रैली में बोलते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार बनते ही हम सभी काम पर उतर गए. शिंदे ने कहा कि लोग मुझसे मिलने आते थे क्योंकि उद्धव ठाकरे के पास मिलने का समय ही नहीं था. शिंदे ने सवाल किया कि बालासाहेब के साथ काम करने वाले वरिष्ठ नेताओं को भी वर्षा बंगले से बिना मिले वापस लौटना पड़ा. उद्धव के इस रवैये से हमारे लोगों को भुगतना पड़ा क्योंकि सरकार में जो हो रहा था वह बर्दाश्त के बाहर था.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने MVA सरकार से हटने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि भविष्य के चुनावों में शिवसेना के पास नाम मात्र ही विधायक बचते. हमने शिवसेना को बचाने के लिए यह कदम उठाया। बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की महाविकास अघाड़ी सरकार को भाजपा की मदद से शिंदे और उनके समर्थक बाग़ी विधायकों ने जून में गिरा दिया था. तबसे ही ठाकरे गुट शिवसेना की द्वारा शिंदे और और उनके समर्थक विधायकों ‘‘गद्दार” और विश्वासघाती कहा जा रहा है.

