चुनाव की तैयारियों और रणनीति बनाने के लिहाज से बीजेपी में संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति को सबसे अहम माना जाता है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज पार्टी के नए संसदीय बोर्ड का गठन किया गया है. 11 सदस्यों वाले संसदीय बोर्ड की सबसे ख़ास बात यह कि पार्टी के दिग्गज नेता नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, वहीँ दो पूर्व मुख्यमंत्रियों देवेंद्र फडणवीस और सर्बानंद सोनोवाल को संसदीय बोर्ड में स्थान दिया गया है. बता दें कि भाजपा ने यह कवायद 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए की है. हालाँकि इस बात की पूरी उम्मीद थी कि यूपी में पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता में लाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संसदीय बोर्ड या चुनाव समिति में जगह ज़रूर मिले गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
बीजेपी संसदीय बोर्ड के सदस्यों में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं. पार्टी विज्ञप्ति के मुताबिक पार्टी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुधा यादव और पूर्व सांसद सत्यनारायण जटिया को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है. संसदीय बोर्ड में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का नाम सबसे चौंकाने वाला है. गौरतलब है कि येदियुरप्पा की आयु 77 वर्ष है और इस लिहाज़ से वह पार्टी की ‘अलिखित’ आयु सीमा क्रास कर चुके हैं.
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विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गठित केंद्रीय चुनाव समिति में उनके अतिरिक्त नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, बीएस येदयुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के. लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, ओम माथुर, बीएल संतोष और श्रीमती बनथी श्रीनिवास का नाम है. वहीँ नया संसदीय बोर्ड कुछ इस तरह से है, जगत प्रकाश नड्डा (अध्यक्ष), नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया बीएल संतोष (सचिव).

