गाजियाबाद। जिले में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।जिसके कारण गाजियाबाद पुलिस की नींद भी उड़ी हुई है। इतना ही नहीं दिनदहाड़े पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से 25 लाख की लूट होने के बाद गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को निलंबित किया गया।जिसके बाद गाजियाबाद का चार्ज आईपीएस मुनिराज को सौंपा गया।लेकिन उसके बावजूद भी जिले में कहीं ना कहीं लगातार अपराधिक घटनाएं हो रही हैं।अब इन अपराधिक घटनाओं पर काबू पाए जाने के उद्देश्य से योगी सरकार जल्द ही एक बड़ा ऐलान कर सकती है। जिसके तहत कानपुर, बनारस, गौतम बुद्ध नगर के बाद मेरठ पांचवा और गाजियाबाद छठा जिला बन सकता है। जहां पर कमिश्नरी व्यवस्था लागू होगी। माना जा रहा है कि योगी सरकार इस फैसले का ऐलान 12 अप्रैल के बाद कभी भी कर सकती है।
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बताते चलें कि गाजियाबाद में पिछले दिनों ताबड़तोड़ घटनाएं घटीं। कई बड़ी लूट की वारदात को भी बदमाशों ने अंजाम दिया। जिसका खामियाजा एसएसपी पवन कुमार को भुगतना पड़ा। क्योंकि उन्हें 25 लाख रुपए की लूट के बाद निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद फिर बदमाशों ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में पंजाब नेशनल बैंक में ही हथियारों के बल पर करीब ₹8 लाख की लूट को अंजाम दे डाला। इसके अलावा इंदिरापुरम इलाके में भी लगातार चेन झपट मारी की घटनाएं हुई।
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जिसके बाद पहले डीआईजी एलआर कुमार को कानून व्यवस्था बेहतर बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए अस्थाई जिम्मेदारी दी गई थी।लेकिन अब उनकी तैनाती निरस्त करते हुए तेजतर्रार माने जाने वाले 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी मुनिराज को जिले की कानून व्यवस्था में अपराध नियंत्रण के लिए जिम्मेदारी दी गई है।लेकिन अब यह माना जा रहा है।कि गाजियाबाद के साथ-साथ मेरठ में भी पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू की जा सकती है।जिसके बाद जिले में लगातार बढ़ते अपराधों पर काबू पाए जाने के उद्देश्य से कई तरह की योजनाओं पर कार्य किया जा सकता है।

